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पश्चिमी क्षेत्र में दो दिवसीय हिन्‍दी वैज्ञानिक संगोष्‍ठी

परमाणु खनिज अन्‍वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, पश्चिमी क्षेत्र, जयपुर में दिनांक 30.09.201901.10.2019 के दौरान अरावली क्रेटान : खनिज अन्‍वेषण एवं भविष्‍य की संकल्‍पनायें विषय पर हिन्‍दी वैज्ञानिक संगोष्‍ठी का आयोजन किया गया। श्री एम. बी. वर्मा, निदेशक, पखनि ने मुख्‍य अतिथि के रूप में संगोष्‍ठी का उद्घाटन किया एवं इस अवसर पर स्मारिका−35 का विमोचन भी किया। संगोष्‍ठी में श्री मुक्‍तेश्‍वर नाथ मिश्र, उपमहानिदेशक एवं प्रमुख, मिशनIII, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, पश्चिमी क्षेत्र, जयपुर ने विशिष्‍ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई ।

संगोष्‍ठी का शुभारंभ श्री एम. बी. वर्मा के राजस्‍थान राज्‍य में यूरेनियम, विरल मृदा तत्‍वों एवं विरल धातु का खनिजीकरण – एक समीक्षाशीर्षक पर मुख्‍य व्याख्यान से हुआ । पखनि के विभिन्‍न क्षेत्रों के अधिकारियों द्वारा कुल 06 सत्रों में उत्‍तरी दिल्‍ली वलन पट्टी, अरावली वलन पट्टी एवं ट्रांस अरावली में यूरेनियम अनुसंधान, अम्बाडोंगर कार्बोनेटाइट कॉम्प्लेक्स एवं सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में विरल धातु एवं विरल मृदा तत्वों के अन्‍वेषण हेतु भू−भौतिकीय एवं विभिन्न विश्लेषणात्मक तकनीकों से संबंधित विषयों पर कुल 35 शोधपत्र प्रस्‍तुत किये गये। संगोष्ठी में खान एवं भूतत्व विभाग, राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।  संगोष्‍ठी ने भारत सरकार की राजभाषा नीति के अंतर्गत हिन्‍दी के प्रयोग को बढ़ावा देने के अतिरिक्‍त वैज्ञानिक ज्ञान पर विचार-विमर्श करने के लिये एक शसक्त मंच प्रदान किया ।