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प.ख.नि., हैदराबाद में 'विज्ञान में आत्मनिभर्ता' पर तेनघे वेबिनार।

प.ख.नि., हैदराबाद में 'विज्ञान में आत्मनिभर्ता' पर तेनघे वेबिनार।

 

परमाणु ऊर्जा विभाग (प.ऊ.वि.) की घटक इकाई, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (प.ख.नि.), हैदराबाद ने इंडियन न्यूक्लियर सोसाइटी (आई.एन.एस.), हैदराबाद शाखा के सहयोग से 01.07.2022 को प.ख.नि. में 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' समारोह के अंतर्गत 'विज्ञान में आत्मनिर्भरता' श्रृंखला पर दसवें वेबिनार का आयोजन किया। मुख्य समारोह डॉ. होमी जे. भाभा सभागार, प.ख.नि. मुख्यालय, हैदराबाद के परिसर में आयोजित किया गया जिसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वेबकास्ट किया गया। मुख्य अतिथि, पद्म भूषण डॉ. वी.के. सारस्वत, सदस्य, नीति आयोग, रियर एडमिरल संजय चौबे, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, ई.सी.आई.एल.; डॉ. एन. साईबाबा, राजा रमन्ना फेलो और पूर्व, मुख्य कार्यकारी, एन.एफ.सी.; डॉ. डी.के. सिन्हा, निदेशक, प.ख.नि. और अध्यक्ष, आई.एन.एस., हैदराबाद शाखा; श्री भास्कर सरवणन और डॉ. टी.एस. सुनील कुमार, अपर निदेशक, प.ख.नि. ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई। दर्शकगण में प.ख.नि. के वरिष्ठ अधिकारी, आई.एन.एस. के सदस्य तथा हैदराबाद के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र और शिक्षक मौजूद थे। देश के विभिन्न भागों से कई गणमान्य श्रोतागण और बड़ी संख्या में प्रतिभागी वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। डॉ. डी.के. सिन्हा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि पद्म भूषण डॉ. वी.के. सारस्वत ने ‘2070 तक निवल शून्य कार्बन प्राप्त करने के लिए ऊर्जा पारगमन में परमाणु ऊर्जा का महत्त्व’ विषय पर आमंत्रित भाषण प्रस्तुत किया। डॉ. सारस्वत ने सीओपी 26 में 2070 तक निवल शून्य कार्बन प्राप्त करने की भारत की प्रतिज्ञा और इस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए ऊर्जा पारगमन में परमाणु ऊर्जा की भूमिका पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। तत्पश्चात डॉ. टी.एस. सुनील कुमार, सचिव, आई.एन.एस., हैदराबाद शाखा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। राष्ट्रगान की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।